NITIN BHARAT https://nitinbharat.com/ India's Fastest Growing Educational Website Wed, 27 Nov 2024 12:15:48 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 210562443 When will American overreach stop?? https://nitinbharat.com/when-will-american-overreach-stop-against-indian-companies/ https://nitinbharat.com/when-will-american-overreach-stop-against-indian-companies/#respond Wed, 27 Nov 2024 12:15:48 +0000 https://nitinbharat.com/?p=843 The last week global media have been full of stories about indictment against the Adani Group by an American Prosecutor. (Stop American Overreach) It is time the...

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The last week global media have been full of stories about indictment against the Adani Group by an American Prosecutor. (Stop American Overreach)

It is time the world starts asking when American overreach will stop? Lets turn the table for a second and assume that an Indian Court charged top American business executives for crimes allegedly done in the US. Would this be acceptable to America? Would American media find it appropriate? (Stop American Overreach)

Added it is now clear that the accusations are not against the top Adani leaders, Gautam and Sagar Adani.

Nor is there evidence that bribes were paid by Adani executives to Indian government officials. The indictment solely rest on claims that bribes were promised or discussed.

This American overreach has serious consequences for peoples lifes. It makes it harder for one of Indias economic power houses to finance its operations. It forces the Adani Group to spend time and resources in court rather than building solar and wind plants. It simply slows down the green transformation of India. (Stop American Overreach)

Its time to put a stop to American overreach!

Dont Underestimate Elon Musk! Why? क्यों एलन मस्क को हल्के में न लें?

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हसदेव अरण्य पर पूर्व CM भूपेश बघेल ने भाजपा पर किया बड़ा हमला https://nitinbharat.com/cutting-of-hasdeo-forest-bhupesh-baghel-attacks-on-bjp/ https://nitinbharat.com/cutting-of-hasdeo-forest-bhupesh-baghel-attacks-on-bjp/#respond Thu, 21 Nov 2024 13:59:54 +0000 https://nitinbharat.com/?p=838 रायपुर। हसदेव अरण्य के कटाई के संबंध में भाजपा एवं कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा...

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रायपुर। हसदेव अरण्य के कटाई के संबंध में भाजपा एवं कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा झूठ बोल रहे, कांग्रेस की उनकी सरकार के 2018 से 2023 के कार्यकाल में अडानी (Cutting Of Hasdeo Forest) से कोई एमओयू नहीं किया गया और न ही अडानी की कंपनी को कोई नया काम दिया गया।

रमन सिंह के समय से जो प्रोजेक्ट चल रहे थे वही शुरू थे। जब-जब मोदी के मित्र अडानी के भ्रष्टाचार के खुलासे होते हैं, तब-तब भाजपा के नेता एकजुट होकर गलत बयानी करके बचाव में जुट जाते हैं।

अमेरिका जैसा सिस्टम यदि भारत में होता तो अडानी हिंडेनबर्ग के खुलासे के बाद से जेल में होते। अडानी की कंपनी से छत्तीसगढ़ में जो भी एमओयू/एमडीओ हुए, वे सब पूर्ववर्ती भाजपा की सरकार में हुए, कांग्रेस में तो गलत तरीके से दिए गए लीज को निरस्त (Cutting Of Hasdeo Forest) करने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित करके केंद्र को भेजा है।

2016 में जब इसी तरह से भाजपा की डबल इंजन की सरकार थी तब भी ग्राम सभा की फर्जी एनओसी लगाकर नंदराज पर्वत को बेचा गया, कांग्रेस की सरकार ने तो उसे निरस्त करवाया।

परसा ईस्ट केते बासन, परसा केते एक्सटेंशन सभी हसदेव क्षेत्र के कोल ब्लॉक सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में अडानी एमओयू/एमडीओ के कारण राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने रद्द कर दिए थे। अडानी के भ्रष्टाचार पर पर्देदारी करने भाजपा के प्रवक्ता झूठ बोल रहे हैं।

गारे 1 कोल ब्लॉक छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कंपनी का रमन सिंह सरकार ने एमओयू/एमडीओ में अडानी को दिया था, कांग्रेस ने नहीं

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा है कि 2015 में मोदी सरकार ने इसी पुराने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध ठहराए गए एमओयू/एमडीओ अनुबंध के रहते सभी कॉल ब्लॉक फिर से राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम को आबंटित किए गए उसी समय की वसुंधरा राजे सरकार ने पुनः यह सारे अनुबंध जीवित किया और खनन शुरू कराया। मोदी सरकार ने पुराने एमओयू/एमडीओ अनुबंध को ही चलाने की अनुमति दी।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पास कर हसदेव अरण्य क्षेत्र (Cutting Of Hasdeo Forest) के सभी खदानों को रद्द करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया परंतु मोदी सरकार ने रद्द करने से इनकार कर दिया।

अडानी के मुनाफे के लिए कोल बेयरिंग एक्ट में संशोधन हुए, वन अधिकार अधिनियम में आदिवासी विरोधी प्रावधान लादे गए, वन भूमि और हसदेव अरण्य और तमोर पिंगला जैसे अतिमहत्वपूर्ण जैव विविधता संपन्न क्षेत्रों में ‘नो-गो एरिया’ को संकुचित किया गया और कमर्शियल माइनिंग शुरु की गई। यही नहीं देश के नवरत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड और एनएमडीसी के खदानों में भी खनन (Cutting Of Hasdeo Forest) का कार्य दबाव पूर्वक अडानी को दिया गया।

केंद्र सरकार ने नीलामी के तहत तीन नए कोल ब्लॉक छत्तीसगढ़ में अडानी को आवंटित किए जो सभी बहुत कम बोली पर गए। 2022 में एसईसीएल ने अपने नए प्रोजेक्ट जिसमें उत्पादन शुरू होने वाला था ऐसी पेलमा खदान रायगढ़ क्षेत्र में अडानी को एमओयू/एमडीओ के तहत सौंप दिए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार रहते गारे 2 कोल ब्लॉक का एमओयू/एमडीओ में अडानी को सौंप दिया। केंद्र सरकार के कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के तहत कोरबा वेस्ट पावर प्लांट रायगढ़ और जीएमआर पावर प्लांट रायपुर और लंको अमरकंटक पावर प्लांट कोरबा सभी अडानी समूह को सौंपने के आदेश हुए जिसमें बैंकों को भारी नुकसान हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मोदी सरकार ने बैलाडीला की आयरन ओर की खदान भी एनएमडीसी के द्वारा अडानी से एमओयू/एमडीओ को सौंप दी थी जो छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के लगातार विरोध (Cutting Of Hasdeo Forest) के बाद रद्द की गई।

देश के संसाधन गलत तरीके से एक पूंजीपति जो मोदी के मित्र हैं उस पर लुटाया जा रहा है। धन और संसाधन का केंद्रीकरण करके देश के करोड़ों जनता के साथ अन्याय कर रही है मोदी सरकार।

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रणवीर इलाहाबादिया का यूट्यूब चैनल हैक कैसे बचे हैकिंग से? क्या है CMS https://nitinbharat.com/my-youtube-channel-hacked-how-to-recover-and-secure/ https://nitinbharat.com/my-youtube-channel-hacked-how-to-recover-and-secure/#respond Thu, 26 Sep 2024 09:16:51 +0000 https://nitinbharat.com/?p=834 मशहूर और भारत के सबसे बड़े पॉडकास्ट रणवीर इलाहाबादिया का यूट्यूब चैनल 26 सितंबर तड़के हैक (My Youtube Channel Hacked) हो गया और यूट्यूब पर अपलोड की...

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मशहूर और भारत के सबसे बड़े पॉडकास्ट रणवीर इलाहाबादिया का यूट्यूब चैनल 26 सितंबर तड़के हैक (My Youtube Channel Hacked) हो गया और यूट्यूब पर अपलोड की गई सभी वीडियो Delete कर दी गई और तो और चैनल भी यूट्यूब से गायब हो गई।

भारत के इतने बड़े यूट्यूबर का चैनल एकाएक हैक हो जाने से सभी क्रिएटर चिंता में आ गए यह सोचकर कि इतना बड़ा चैनल जब हैक (My Youtube Channel Hacked) हो सकता है तो उनके चैनल का क्या? यह पहला मामला नहीं है जब कोई बड़ा यूट्यूब चैनल हैक हुआ हो आइए जानते है ऐसा होने की स्थिति में क्या करें और अपने चैनल को हैक होने से बचाने के लिए क्या करे?

सबसे पहले तो यह जान लेना जरूरी है कि जितने लोग एथिकल हैकिंग में लगे है उससे दुगने लोग अनएथिकल हैकिंग के कार्य में लगे है। देश ही नहीं विदेशों में हैकर्स कई चैनल्स पर आंख गड़ाए बैठे है। इनका मुख्य उद्देश्य पैसे की उगाही करना होता है।

हैकिंग से बचने के लिए क्या करे;

  • सबसे पहले यूट्यूब द्वारा दिए गए सेफ्टी फीचर्स 2 step, 3 step verification को ऑन रखना चाहिए।
  • यह ध्यान रखना चाहिए अधिक डिवाइसों में लॉगिन न हो जिससे की हैकर्स को हैक करने में आसानी हो जाए
  • पासवर्ड को लगातार बदलते रहना चाहिए।

यदि इन सब के बाद भी आपका यूट्यूब चैनल हैक (My Youtube Channel Hacked) होता है तो आपके CMS (Content Management System) से बात करनी चाहिए। या CMS प्रोफेशनल्स से संपर्क करना चाहिए। नेट में सर्च करने पर आपको ऐसे कई प्रोफेशनल समूह के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

CMS क्या होता है? इसके कुछ प्रमुख घटक:

  • कंटेंट निर्माण: उपयोगकर्ता आसानी से टेक्स्ट, इमेज, वीडियो और अन्य प्रकार की सामग्री जोड़ सकते हैं।
  • कंटेंट स्टोरेज: यह सॉफ्टवेयर कंटेंट को व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से स्टोर करता है।
  • वर्कफ़्लो प्रबंधन: कंटेंट के विभिन्न चरणों (जैसे निर्माण, संपादन, प्रकाशन) का प्रबंधन करता है।

CMS प्रोफेशनल्स चैनल हैक (My Youtube Channel Hacked) होने पर गूगल सपोर्ट सिस्टम से बात कर रिकवरी भी करते है। पूरी तरह डिलीट चैनल्स को भी ये रिकवर कर सकते है।

साथ ही CMS ही चैनल की कॉपी कंटेंट पर स्ट्राइक भेजना और दूसरे चैनलों द्वारा दी गई स्ट्राइक का जवाब भी देता है।

हर एक बड़े यूट्यूब चैनल, न्यूज पोर्टल, वेबसाइट्स सोशल साइट्स का कोई न कोई CMS होता है। निश्चित ही रणवीर इलाहाबादिया ने भी कोई न कोई CMS रखा होगा जो रिकवरी के लिए लगातार काम कर रहा होगा।

चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका एवं सीमाएं

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10 साल बाद मेक इन इंडिया योजना फ्लॉप रहा या हिट? https://nitinbharat.com/make-in-india-scheme-strength-challenges-and-potential/ https://nitinbharat.com/make-in-india-scheme-strength-challenges-and-potential/#respond Wed, 25 Sep 2024 08:06:40 +0000 https://nitinbharat.com/?p=830 चीन की मेड इन चाइना स्कीम को टक्कर देने, मेक इन इंडिया योजना (Make in india) भारत सरकार द्वारा 25 सितंबर 2014 में शुरू की गई थी,...

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चीन की मेड इन चाइना स्कीम को टक्कर देने, मेक इन इंडिया योजना (Make in india) भारत सरकार द्वारा 25 सितंबर 2014 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य देश में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना और विदेशी निवेश को आकर्षित करना रहा आज जब योजना के 10 साल पूरे हो रहे है ऐसे में आइए जानते है इस योजना की मुख्य उपलब्धियां, कमियां और संभावनाएं।

किसी भी योजना का मूल्यांकन करने के लिए 10 वर्ष की अवधि पर्याप्त होती है। जानकारों की माने तो इस योजना ने 10 वर्षों में कई कमियों का शिकार रही है;

Make In India Yojana की कमियां;

1. अपर्याप्त बुनियादी ढांचा: भारत में कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी है, जैसे सड़कों, रेल, बंदरगाहों और बिजली की आपूर्ति। यह मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापन और संचालन में बाधा उत्पन्न करता है।

2. जटिल श्रम कानून: भारत में श्रम कानून बहुत जटिल हैं और कई स्तरों पर भिन्नता होती है। इससे विदेशी और घरेलू निवेशकों को कठिनाई होती है, क्योंकि उन्हें इन कानूनों का पालन करना जटिल और महंगा (Make in india) लगता है।

3. धीमी कार्यान्वयन प्रक्रिया: कई क्षेत्रों में “मेक इन इंडिया” के तहत घोषित नीतियों का क्रियान्वयन धीमा रहा है। नीतियों और योजनाओं की गति से निवेशकों का भरोसा कम होता है।

4. वित्तीय चुनौतियां: छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को निवेश और क्रेडिट तक पहुंच में कठिनाई होती है। बैंकों द्वारा दी जाने वाली ऋण सुविधाएं और वित्तीय सहायता पर्याप्त नहीं रही है, जिससे विनिर्माण क्षेत्र के विकास में रुकावट आई है।

5. तकनीकी और कौशल की कमी: भारत में उच्च तकनीकी विशेषज्ञता और कुशल श्रमिकों की कमी है। इससे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण और उत्पादन स्तर बढ़ाने में समस्या होती है।

6. अन्य एशियाई देशों से प्रतिस्पर्धा: चीन और अन्य एशियाई देशों जैसे वियतनाम और बांग्लादेश की तुलना में भारत का विनिर्माण क्षेत्र अभी भी प्रतिस्पर्धा में पीछे है, खासकर उत्पादन लागत (Make in india) और दक्षता के मामले में।

7. भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय बाधाएं: भारत में भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। इससे नए उद्योगों की स्थापना में विलंब होता है।

8. स्वदेशी उद्योगों पर दबाव: कई क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों के आगमन से स्वदेशी उद्योगों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी विकास दर धीमी हो सकती है।

इन कमियों के बावजूद, “मेक इन इंडिया” योजना (Make in india) को सफल बनाने के लिए सरकार ने विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं, लेकिन अभी भी कई सुधारों की आवश्यकता है। हालांकि इस योजना ने महज 10 सालों में ही कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर ली है जिसे हासिल करने में 70 से अधिक वर्ष भी गुजर गए। जैसे;

Make in india योजना की मुख्य उपलब्धियां;

1. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में वृद्धि:

“मेक इन इंडिया” योजना के तहत विदेशी निवेशकों के लिए नीतियां उदार बनाई गईं। इसका परिणाम यह हुआ कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई वर्ष 2020-21 में भारत ने $81.72 बिलियन का FDI आकर्षित किया, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक नया रिकॉर्ड था। यह FDI आकर्षित करने के लिहाज से शीर्ष वर्ष था। ज्ञात हो कि 2023 में FDI में गिरावट आई (Make in india) और $70.95bn डॉलर रहा।

2. रैंकिंग सुधार:

इस योजना के बाद भारत की ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (Ease of Doing Business) रैंकिंग में सुधार हुआ। भारत 2014 में 142वें स्थान पर था, जबकि 2020 में यह 63वें स्थान पर आ गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में व्यापार करना आसान हो गया है।

3. स्वदेशी निर्माण में वृद्धि:

योजना के तहत, कई विदेशी कंपनियों ने भारत में अपने उत्पादन इकाइयां स्थापित की हैं। इससे विभिन्न क्षेत्रों में जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रक्षा उपकरण निर्माण में वृद्धि देखी गई है।

उदाहरण के लिए, स्मार्टफोन निर्माण में भारत एक प्रमुख केंद्र बन गया है, जहां Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने अपनी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित की हैं।

4. रोजगार सृजन:

मेक इन इंडिया योजना के अंतर्गत उद्योगों के विस्तार से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में वृद्धि से करोड़ों लोगों को रोजगार मिला है।

5. उद्योगों का विकास:

विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, फार्मास्युटिकल्स, कपड़ा, और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश और उत्पादन में वृद्धि हुई है।

ऑटोमोबाइल उद्योग में भारत अब दुनिया के प्रमुख निर्यातकों में से एक है। कई विदेशी और घरेलू कंपनियों ने उत्पादन और असेंबली इकाइयां स्थापित की हैं।

6. विनिर्माण और निर्यात में वृद्धि:

“मेक इन इंडिया” (Make in india) के तहत, भारत के विभिन्न उद्योगों ने अपने उत्पादन क्षमता में वृद्धि की है। इसके परिणामस्वरूप, देश के निर्यात में भी बढ़ोतरी हुई है, विशेष रूप से विनिर्माण वस्त्रों, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्युटिकल उत्पादों के क्षेत्र में।

7. इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार:

योजना के तहत सरकार ने उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान दिया है। कई औद्योगिक गलियारे और स्मार्ट सिटी परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनसे देश में उद्योगों के विस्तार को समर्थन मिला है।

8. मध्यम और लघु उद्योगों (MSME) का विकास:

मेक इन इंडिया के तहत, छोटे और मध्यम उद्योगों को भी समर्थन मिला है। सरकार ने इन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की है, जिससे उनका उत्पादन और निर्यात बढ़ा है।

9. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता:

रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य से “मेक इन इंडिया” (Make in india) के तहत रक्षा उत्पादन में बड़े सुधार किए गए। भारत अब कई रक्षा उपकरण और हथियार प्रणाली स्वदेशी रूप से विकसित कर रहा है और उनका निर्यात भी कर रहा है।

10. नवाचार और स्टार्टअप्स का प्रोत्साहन:

“मेक इन इंडिया” ने देश में स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा दिया है। नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर देश में नए उत्पादों और सेवाओं के विकास को प्रेरित किया गया है।

“मेक इन इंडिया” योजना ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत किया है, विदेशी निवेश आकर्षित किया है, और देश को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि अभी भी कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन योजना की उपलब्धियों ने भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Make in india की संभावनाएं;

लेकिन मेक इन इंडिया योजना (Make in india) की भविष्य की संभावनाएं काफी व्यापक और आशाजनक हैं। यह योजना भारत को एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने और देश की आर्थिक वृद्धि को गति देने की दिशा में काम कर रही है। निम्नलिखित संभावनाएं “मेक इन इंडिया” योजना के तहत दिखाई देती हैं:

1. वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरना:

चीन में बढ़ती उत्पादन लागत और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के पुनर्गठन के कारण, कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं। “मेक इन इंडिया” के तहत भारत को एक मजबूत विनिर्माण विकल्प के रूप में स्थापित करने की क्षमता है।

भारत की जनसंख्या और सस्ते श्रम की उपलब्धता इसे मैन्युफैक्चरिंग का आदर्श गंतव्य बनाती है। इसका लाभ उठाकर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में अपना दबदबा बना सकता है।

2. आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) से तालमेल:

“मेक इन इंडिया” (Make in india) और “आत्मनिर्भर भारत” पहल आपस में जुड़े हुए हैं। आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते हुए, भारत अपने उत्पादों के निर्माण में वृद्धि कर सकता है और आयात पर निर्भरता कम कर सकता है।

इससे देश में रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नति और आर्थिक स्थिरता को और बढ़ावा मिलेगा।

3. तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण:

भारत के पास तकनीकी क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। मेक इन इंडिया के अंतर्गत डिजिटलीकरण और उन्नत तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और 5G टेक्नोलॉजी का उपयोग करके भारत अपने विनिर्माण क्षेत्र को अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धात्मक बना सकता है।

इससे न केवल उत्पादन लागत में कमी आएगी, बल्कि वैश्विक बाजारों में भारत के उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी।

4. रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता:

भारत का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। “मेक इन इंडिया” योजना (Make in india) के तहत, भारत रक्षा उपकरणों और हथियारों का स्वदेशी उत्पादन करने में सक्षम हो रहा है।

भविष्य में, भारत रक्षा उत्पादों का निर्यातक बन सकता है, जिससे न केवल आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी, बल्कि विदेशी मुद्रा अर्जित करने के भी अवसर बढ़ेंगे।

5. इंफ्रास्ट्रक्चर विकास:

औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास को गति दी जा रही है। इससे विनिर्माण के लिए बेहतर परिवहन, ऊर्जा, और कनेक्टिविटी सुविधा मिलेगी, जो निवेशकों को आकर्षित करेगा।

आने वाले वर्षों में, बुनियादी ढांचे में निवेश से उद्योगों की दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि होगी।

6. रोजगार सृजन:

“मेक इन इंडिया” के तहत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल देश में बेरोजगारी कम होगी, बल्कि लाखों युवाओं को कुशलता के अनुसार रोजगार मिल सकेगा।

7. निर्यात क्षमता में वृद्धि:

“मेक इन इंडिया” (Make in india) से भारत की निर्यात क्षमता में वृद्धि की संभावनाएं हैं। स्वदेशी विनिर्माण से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन होगा, जो वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक होंगे। इससे भारत के निर्यात में वृद्धि होगी और विदेशी मुद्रा भंडार में भी इजाफा होगा।

8. MSME और स्टार्टअप्स के लिए अवसर:

लघु और मध्यम उद्योग (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए यह योजना नए अवसर प्रदान करती है। इन उद्योगों के विकास से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि नए विचारों और नवाचारों को भी बढ़ावा मिलेगा।

भविष्य में, स्टार्टअप्स और MSMEs भारत की आर्थिक धारा में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन सकते हैं।

9. उद्योगों का विविधीकरण:

“मेक इन इंडिया” योजना (Make in india) के तहत विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, और खाद्य प्रसंस्करण में काफी संभावनाएं हैं। इसका उद्देश्य उद्योगों का विविधीकरण करना है ताकि भारत केवल एक या दो क्षेत्रों पर निर्भर न रहे, बल्कि हर क्षेत्र में एक मजबूत स्थिति बना सके।

10. हरित (ग्रीन) विनिर्माण की संभावनाएं:

पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ, भारत में हरित विनिर्माण (Green Manufacturing) की संभावनाएं बढ़ रही हैं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके उद्योग अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम कर सकते हैं और भारत को एक स्थायी उत्पादन केंद्र बना सकते हैं।

“मेक इन इंडिया” योजना (Make in india) के तहत भविष्य में भारत के विनिर्माण क्षेत्र को व्यापक विकास के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। तकनीकी नवाचार, आत्मनिर्भरता, बुनियादी ढांचे में सुधार, और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता के साथ, यह योजना न केवल देश के आर्थिक विकास में मददगार होगी बल्कि भारत को एक वैश्विक “मैन्युफैक्चरिंग हब” के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की समस्या और समाधान

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छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा कहां, कब, क्यों निकाली जा रही? https://nitinbharat.com/chhattisgarh-nyay-yatra-when-where-why-and-by-whom-this-yatra-organising/ https://nitinbharat.com/chhattisgarh-nyay-yatra-when-where-why-and-by-whom-this-yatra-organising/#respond Sun, 22 Sep 2024 14:01:25 +0000 https://nitinbharat.com/?p=826 पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने वरिष्ठ नेताओं के साथ राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया जिसमे उन्होंने छत्तीसगढ़ न्याय...

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पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने वरिष्ठ नेताओं के साथ राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया जिसमे उन्होंने छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा (Chhattisgarh Nyay Yatra) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि 27 सितंबर से परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से राजधानी रायपुर तक 125 कि.मी. की पदयात्रा (Chhattisgarh Nyay Yatra) निकालने जा रहे है। यह यात्रा गिरौदपुरी से चलकर 6वें दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के दिन 2 अक्टूबर को गांधी मैदान रायपुर में समाप्त होगी, जहां विशाल आम सभा होगा।

यात्रा का उद्देश्य – रोज हो रही हत्या, लूट, चाकूबाजी, डकैती की घटनाओं से आम आदमी में भय पैदा हो गया है प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ प्रतिरोध।

राज्य में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध प्रदेश में रोज हो रही दुराचार, सामूहिक दुराचार की घटनाओं के विरोध में।

गिरौदपुरी के अमर गुफा में जैतखाम के साथ हुये तोड़-फोड़ के विरोध बलौदाबाजार मामले में निर्दोषों की गिरफ्तारी का विरोध तथा कांग्रेस नेताओं और सतनामी समाज के लोगों की रिहाई।

कवर्धा के लोहारीडीह में साहू समाज के 3 बेटो की हत्या, प्रशांत साहू की पुलिसिया प्रताड़ना में हुई मौत की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के वर्तमान जज की निगरानी में तथा दोषी पुलिस अधिकारियों (Chhattisgarh Nyay Yatra) के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने की मांग। छत्तीसगढ़ सरकार सीरियल कीलर बन गयी है। कभी आदिवासियों को मरवाती है, कभी सतनामियों को, कभी साहू समाज को आगे पता नहीं किसकी बारी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गिरौदपुरी परमपूज्य बाबा गुरू घासीदास की तपोभूमि है, बाबा गुरू घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया था। समाज में एकता, समानता, समरसता का संदेश दिया था, ऐसे परम पूज्यनीय बाबा के धाम से यात्रा निकाल कर हम प्रदेश में भाईचारा, एकता और अपराधमुक्त छत्तीसगढ़ हर व्यक्ति की सुरक्षा की कामना कर रहे है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घोषणा किया है कि कांग्रेस तपोभूमि गिरौदपुरी धाम से 6 दिन की पैदल करेंगे। इस यात्रा का निर्णय हम सब के सहमति से हुआ और इस यात्रा में पूरे प्रदेश के सभी लोग शामिल होंगे। भाजपा की सरकार को 9 महिने हुये है और इस सरकार में अत्याचार, अनाचार, दुराचार, मौते, हत्यायें और यहां तक की थाना में जो हत्यायें हो रही हैं। इन सब के खिलाफ में चिंता जाहिर करते हुये इस यात्रा को निकालेंगे और प्रदेश कांग्रेस के सभी साथी उपस्थित रहेंगे, जो लगातार बलौदाबाजार के घटना और कवर्धा के घटना के बाद छत्तीसगढ़ का चाहे सतनामी समाज, साहू समाज चाहे अन्य समाज के प्रति हो ये सौहार्द नहीं बिगड़ना चाहिये। छत्तीसगढ़ शांति का टापू रहा है और छत्तीसगढ़ को शांति का टापू बनाने के लिये इस यात्रा (Chhattisgarh Nyay Yatra) को निकाल रहे है।

पत्रकार वार्ता में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, गुरू रूद्र कुमार, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, विधायक शेषराज हरवंश, राघवेन्द्र सिंह, कविता प्राण लहरे, पीआर खुंटे, शैलेश पांडेय, कुलदीप जुनेजा, प्रमोद दुबे, पंकज शर्मा, दीपक मिश्रा, सुबोध हरितवाल, सकलेन कामदार, धनजंय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, उधोराम वर्मा उपस्थित थे।

नक्सलवाद के पूर्ण रूप से खात्मे पर शाह की मैराथन बैठक

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कांग्रेसी खुद नक्सल समस्या की जननी और संरक्षक है; भाजपा https://nitinbharat.com/naxalism-news-chhattisgarh-bjp-slams-congress-for-supporting-naxalism/ https://nitinbharat.com/naxalism-news-chhattisgarh-bjp-slams-congress-for-supporting-naxalism/#respond Fri, 20 Sep 2024 11:09:49 +0000 https://nitinbharat.com/?p=824 रायपुर| भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता के बयान जिसमे उन्होंने नक्सलवाद (Naxalism News Chhattisgarh) पर भाजपा को नाकाम बताने...

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रायपुर| भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता के बयान जिसमे उन्होंने नक्सलवाद (Naxalism News Chhattisgarh) पर भाजपा को नाकाम बताने की कोशिश की थी उस पर जबरदस्त प्रहार किया है। मरकाम ने कहा है कि पहले तो कांग्रेस को नक्सलवाद पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नही है क्योंकि ये खुद नक्सल समस्या की जननी और संरक्षक है।

हर बार नक्सली कार्रवाई पर पहला विलाप कांग्रेसियों का ही आता है। इस बार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवम गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा नक्सल पीड़ित परिवारजनों को केंद्रीय गृहमंत्री से मिलवाने पर कांग्रेस के पेट में दर्द होने पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि किसी बड़े नक्सली के मारे जाने पर भी इनके पेट में सबसे पहले ऐंठन मरोड़ होने लगती है।

विकास मरकाम ने बताया कि 16 अप्रैल को सुरक्षा बलों के एक बड़े ऑपरेशन में कुख्यात नक्सली कमांडर समेत 29 दुर्दांत नक्सली ढेर हो जाते है तब इनके नेता भूपेश बघेल सुरक्षा बलों की पीठ थपथपाने के बजाए कहते है भाजपा शासनकाल में फर्जी नक्सली (Naxalism News Chhattisgarh) मुठभेड़ होते हैं। बीते चार महीनों के दौरान ऐसे मामले बढ़े हैं। बस्तर में पुलिस पर आरोप लगाते हैं कि भोले-भाले ‘आदिवासियों’ को डराती है। जैसे ही उनके बयान की चौतरफा आलोचना शुरू हुई, उन्होंने इससे पल्ला झाड़ सुरक्षा बलों की तारीफ की।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत नक्‍सलियों को महिमामंडित करने का काम करती दिखती हैं, वह मारे गए नक्‍सलियों को ‘शहीद’ बताती हैं। 25 लाख के इनामी नक्सली के ढेर होने पर कांग्रेस कहती है जो शहीद हुए हैं उनकी जांच होनी चाहिए। राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन का नक्‍सली समर्थक बयान सामने आ चुका है। सांसद रंजीत रंजन ने नक्‍सलियों को भोला-भाला इंसान करार दिया था। वास्‍तव में कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान नक्सलवाद को मुख्यधारा में ला खड़ा किया। उन्होंने सलाह दी कि पार्टी को अपना नाम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (माओवादी) या माओवादी कांग्रेस पार्टी कर लेना चाहिए।

विकास मरकाम ने कहा जब कोई नक्‍सली (Naxalism News Chhattisgarh) पुलिस मुठभेड़ में मारा जाता है तो उसके नेता नक्‍सली के घर जाकर उसे श्रद्धांजलि देने में भी परहेज नहीं करते। छत्‍तीसगढ़ के बस्‍तर रीजन के कांकेर में मारे गए माओवादी (नक्सली) नेता सिरीपेल्ली सुधाकर उर्फ शंकर राव के घर कांग्रेस की एक वरिष्ठ नेता और तेलंगाना की कांग्रेस सरकार में मंत्री अनुसुइया दनसारी उर्फ सीताक्का अभी कुछ दिन पहले ही पहुंची थीं। उनका इससे जुड़ा वीडियो भी वायरल है। यह सर्वविदित है कि नक्सली आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति सुधाकर कई हिंसक घटनाओं में शामिल था और सुरक्षा बलों को उसकी तलाश थी। शर्म आनी चाहिए कांग्रेसियों को जो सुरक्षा बलों के शहीदों के परिवारों से हमदर्दी रखने के बजाए नक्सलियों से हमदर्दी रखती है। ये वही लोग है जो अर्बन नक्सलियों से मिलकर देश की आंतरिक सुरक्षा को चोट पहुंचाने तक से भी परहेज नहीं करते।

विकास मरकाम ने कहा पिछले 10 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार के आक्रामक कार्रवाई के परिणाम स्वरूप आज नक्सली बीजापुर नारायणपुर की छोटी सी गुफा में सिमट कर रह गए है। 2024 के PLGA सप्ताह के ठीक पहले नक्सली पर्चा जारी कर स्वीकार किया की लगातार हो रहे एनकाउंटर और सरेंडर के चलते उनकी कमर टूट गई है। उनके पास लाल लड़ाके नही है। नक्सलियों की कमर टूट गई है आत्मसमर्पण की संख्या बढ़ी है। नक्सली वारदातों में गिरावट आई है। स्थानीय लोगों का विश्वास विकास और शांति की ओर बढ़ा है, लेकिन पूर्ण सफाया में सबसे बड़ी बाधा कांग्रेसी नेताओं का नक्सली समर्थन रवैया है, शहरों में बैठे पंजा छाप अर्बन नक्सल है इससे कांग्रेसियों को बाज आने की हिदायत विकास मरकाम ने दी।

उन्होंने कांग्रेस से प्रश्न पूछा, झीरम कांड संदर्भ में बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा के मांग के बौजूद कांग्रेस सरकार ने बड़े कांग्रेसी नेताओं का नार्को टेस्ट क्यों नही कराया? सुकमा विधायक कवासी लखमा जो हमले में अकेले जीवित बचे उनका नार्को टेस्ट क्यों नही कराया? जिन कांग्रेसियों पर अपने ही बड़े नेताओं की हत्या के साजिश (Naxalism News Chhattisgarh) के आरोप हो उन्हे दूसरों पर प्रश्न उठाने का कोई अधिकार नहीं है।

विकास मरकाम ने कहा भाजपा डबल इंजन के साथ बस्तर के विकास में पूरा दम झोक रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर संपर्क स्थापित करने के लिए सड़क और पुल बनाए जा रहे हैं। इस वर्ष अभी तक 90 किलोमीटर लंबी 16 सड़कों, 2 पुलों और 72 पुलियों का निर्माण किया गया है। 118 मोबाइल टावर भी स्थापित किए गए हैं। सुरक्षाबलों के प्रत्येक शिविर के प्रत्येक शिविर के आसपास के 5-5 गांवों तक नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना सहित सभी सरकारी योजनाओं को पहुंचाया जा रहा है। सामुदायिक पुलिसिंग के कारण भी ग्रामीणों का नक्सलियों से मोह भंग हो रहा है। राज्य में नक्सली घटनाओं पर कुशल अनुसंधान एवं अभियोजन की प्रभावी कार्रवाई के लिए राज्य अन्वेषण एजेंसी का गठन किया गया है।

क्या आदिवासी हिंदू नही है? Does Tribals Are Not Hindu

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Don’t Underestimate Elon Musk! Why? क्यों एलन मस्क को हल्के में न लें? https://nitinbharat.com/dont-underestimate-elone-musk-know-why/ https://nitinbharat.com/dont-underestimate-elone-musk-know-why/#respond Sun, 01 Sep 2024 13:06:43 +0000 https://nitinbharat.com/?p=818 ब्राजील में एक महीने तक चले लंबे तनातनी के बाद सुप्रीम कोर्ट को देश में तख्ता पलट का भय सताने लगा। अंततः चीफ जस्टिस अलेक्जेंडर डी मॉरिस...

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ब्राजील में एक महीने तक चले लंबे तनातनी के बाद सुप्रीम कोर्ट को देश में तख्ता पलट का भय सताने लगा। अंततः चीफ जस्टिस अलेक्जेंडर डी मॉरिस ने ट्वीटर पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया। हद तो तब हो गई जब VPN के जरिए लोग एक एक ट्वीट करने के लिए 10,000 रुपए तक खर्च करने के लिए उतारू हो गए। Don’t Underestimate Elon Musk Why?

ब्राज़ील में क्यों बैन हुआ X ट्वीटर?

ये सब किया धरा है अरबपति बिजनेसमैन Elon musk का। यहां हमारी सबसे बड़ी भूल होगी यदि हम Elon musk को सिर्फ अरबपति बिजनेसमैन समझ लेंगे। एलन मस्क इससे कहीं आगे है। आइए 5 सीधे सीधे पॉइंट्स से समझने की कोशिश करते है, Elon Musk को क्यों नजर अंदाज नहीं करना चाहिए?

1. Worlds Richest Person; मई 2024 में एलन मस्क ने फ्रांसीसी अरबपति बर्नार्ड अर्नाल्ट को पछाड़कर दुनिया के सबसे रईस शख्शियत बन गए। पूरी दुनिया के पूंजीपतियों के सांकेतिक लीडर बन गए इतना धन रखने वाला व्यक्ति किसी भी देश को FDI, MoUs और अपनी कंपनियों के माध्यम से नव औपनिवेशीकरण का शिकार बना सकता है (Don’t Underestimate Elon Musk)। किसी भी कंपनी को खरीद-बेचकर उसे बर्बाद कर सकता है। खासकर तृतीय विश्व के देशों को। ऐसे में उन्हें नजरंदाज करना आने वाले समय में किसी भी देश के लिए खतरे से खाली नहीं है।

2. दुनिया के सबसे कटिंग एज एंड फ्यूचरिस्टिक कंपनियों के मालिक; वे मंगल में अपनी कॉलोनीज बसाना चाह रहे, जिसके लिए स्पेस X की लगातार कोशिशें ट्रायल जारी है। न्यूरालिंक के जरिए चलते फिरते AI रोबोट्स बनाना चाहते है जिनका मानव तक में कंट्रोल हो। स्टार लिंक परियोजना के जरिए नेटवर्क और सूचना क्रांति लाना चाहते है। टेस्ला कारों के जरिए दुनिया की सड़कों को प्रदूषण मुक्त करना चाहते है। और अपनी अत्याधुनिक सोलर सिटी प्रोजेक्ट के माध्यम से सोलर एनर्जी क्रांति करना चाहते है। ये सभी फ्यूचरिस्टिस टेक्नोलॉजी आने वाले सालों में दुनिया में प्रभुत्व कायम करेगी। PayPal, Zip2, OpenAI, The Boring company जैसी अन्य कंपनियां दुनिया में प्रभुत्व कायम कर सकती है।

3. Owner of X (Twitter); Twitter को खरीदकर X में बदल दिया। 9500 रुपए का Blue Tick लेने पर यूजर्स को मजबूर कर दिया और अब Free Speech के नाम पर किसी भी अकाउंट को सस्पेंड उसकी Reach घटाना या बढ़ाना सब कुछ वे कर सकते है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में ट्वीटर आज दुनिया का सबसे Influencing प्लेटफार्म माना जाता है। आप सभी को जानकर आश्चर्य होगा चुनाव के दौरान 10-20 लाख बोट्स की मदद से किसी भी पार्टी के खिलाफ हवा बनाई या बिगाड़ी जा सकती है। लोगों के मतों को प्रभावित किया जा सकता है। इन बोट्स को पहचानना भी काफी मुश्किल है।

4. ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले शख्स; अगस्त 2024 में 196M मिलियन फॉलोअर्स के साथ दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले शख्स है जो अपने ट्वीट/पोस्ट के जरिए बड़े स्तर पर विचारों को प्रभावित कर सकते है।

5. Right Wing Ideology; अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अक्सर उन्हें डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन करते हुए देखा जाता है, पोल्स और परसेप्शन क्रिएट कर दक्षिण पंथी सरकार लाने की कवायद में है जो बॉर्डर इंट्रूजन, इमिग्रेशन और अमेरिकंस की बात करता है। इसके अलावा न उन्होंने Russia द्वारा यूक्रेन पर लगातार किए जाने निर्मम हमलों पर कुछ बोला न दुनिया भर (Don’t Underestimate Elon Musk) में होने वाले तख्ता पलट पर। उल्टा दक्षिण पंथी जेयर बालसोनरो का समर्थन करने के चक्कर में खुद को ब्राजील में बैन कर दिया।

क्या एलन मस्क को रोका जा सकता है?

The Guardian के सीनियर संपादक Robert Reich अपने आर्टिकल “Elone Musk is out of control here is how rein him in” लिखते है कि भले ही वो दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति है लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं है कि हम सब शक्ति विहीन है। ऐसा नही है उन्हे कंट्रोल में नही किया जा सकता, उन्हे सरकारों के नियामकों और उद्योगपतियों के संगठन जैसे अमेरिका में FTC (संघीय व्यापार संघ) द्वारा डराया जाना चाहिए। फ्रांस ने जिस प्रकार Fake News और Hate Speech को रोकने में असफल रहने के जुर्म में Telegram के सीईओ Pavel Durov को गिरफ्तार किया ठीक उसी तरह Elon Musk के खिलाफ भी कार्यवाई करना चाहिए। FTC जैसे संगठनों के जरिए उनपर दबाव बनाना (Don’t Underestimate Elon Musk) चाहिए।

Elon Musk पहले के अमीर व्यक्तियों जैसे बिल गेट्स से बिल्कुल विपरीत है, वे अपने तकनीक के माध्यम से गरीबों का कल्याण करना चाहते है, जबकि दुनिया के अमीर व्यक्ति SCR सोशल कॉरपोरेट रिस्पांसिबिलिटी के जरिए मदद करना चाहते है। जिस डेमोक्रेसी के नाम पर USA दुनिया को परेशान करते रही है वही काम अब एलन मस्क Free Speech के नाम पर कर रहे है। ये कब क्या करेंगे यह कोई नहीं जानता।

एलोन मस्क दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ?

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ब्राज़ील में क्यों बैन हुआ X ट्वीटर? https://nitinbharat.com/why-brazil-ban-x-twitter-know-the-reason/ https://nitinbharat.com/why-brazil-ban-x-twitter-know-the-reason/#respond Sat, 31 Aug 2024 12:30:57 +0000 https://nitinbharat.com/?p=813 ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अलेक्जेंडर डी मोरिस ने ब्राजील से तत्काल, पूर्ण रुप से और व्यापक तरीके से ट्विटर के ऑपरेशन पर सस्पेंशन (why...

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ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अलेक्जेंडर डी मोरिस ने ब्राजील से तत्काल, पूर्ण रुप से और व्यापक तरीके से ट्विटर के ऑपरेशन पर सस्पेंशन (why brazil ban X twitter) के आर्डर दे दिए जिस पर एलॉन मस्क ने प्रतिक्रिया भी दी है।

लगभग एक महीने तक चलने वाले लंबे और अनसुलझे विवाद जो कि भ्रामक सूचना को लेकर प्रारंभ हुआ था उसका शुक्रवार को अंत हुआ। ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने अरबपति एलॉन मस्क के सोशल मीडिया साइट X पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध (why brazil ban X twitter) लगा दिया। ब्राजील के नेशनल कम्युनिकेशन एजेंसी (NCA) से कहा गया है कि सभी जल्दी उपाय इस आदेश का अनुपालन किया जाए। चीफ जस्टिस (Alexander de moraes) ने X पर $8900 का जुर्माना भी ठोका है।

एलोन मस्क दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ?

यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब एलॉन मस्क की X में ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बालसोनेरो के समर्थकों द्वारा चुनाव में धांधली के आरोप लगाए गए। जिसका समर्थन करते स्वयं एलॉन मस्क भी दिखे। ब्राज़ील की सुरक्षा एजेंसी इसे लेकर चिंतित दिखे एवं इसकी तख्ता पलट की साजिश की नजरिए से जांच भी कर रहे है।

गौरतलब है कि ब्राजील में जेयर बालसोनरो की घोर दक्षिणपंथी सरकार को 2022 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से X के मालिक एलॉन मस्क दक्षिण पंथियों का समर्थन करते दिखे। चीफ जस्टिस की तुलना हैरी पॉटर के विलेन से भी कर चुके थे। और शुक्रवार को ट्विटर (X) बैन (why brazil ban X twitter) के बाद भी अपतिजनक फोटो मस्क ने ट्विटर पर पोस्ट की।

https://x.com/elonmusk/status/1829775030349070830?t=C9QaUjUuKD29bMj6EcRUsg&s=19

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कृष्ण जन्माष्टमी पर बेस्ट कैप्शन लाइंस सोशल मीडिया में भेजे बधाई संदेश के साथ https://nitinbharat.com/best-krishna-janmashtami-caption-for-social-media/ https://nitinbharat.com/best-krishna-janmashtami-caption-for-social-media/#respond Sun, 25 Aug 2024 16:28:14 +0000 https://nitinbharat.com/?p=808 पूरे देश भर में 26 अगस्त एवं 27 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी एवं दही हांडी उत्सव की धूम रहेगी। माताएं अपने बच्चों को कान्हा जी राधा जी...

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पूरे देश भर में 26 अगस्त एवं 27 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी एवं दही हांडी उत्सव की धूम रहेगी। माताएं अपने बच्चों को कान्हा जी राधा जी के रूप में सजाएंगे। सोशल मीडिया में कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami Caption) से जुड़ी रील पोस्ट खूब वायरल हो रही है।

उत्तर भारत शहर खासकर मथुरा, वृंदावन एवं ब्रज की गलियों दीवाली जैसी भव्य सजावट है जनमानस में उमंग है क्योंकि जग के पालनहार आज कृष्ण अवतार लेकर धरती में पधार रहे है।

इस अवसर पर हमारे पाठकों के लिए हमने एकत्रित किए है कुछ शानदार कृष्ण जन्माष्टमी लाइंस (Krishna Janmashtami Caption) जिनका उपयोग आप पोस्टरों, सोशल मीडिया कैप्शन और अपने भाषणों में कर सकतें है:

अनुकूल ज्योति की घड़ी न मेरी होगी,

मैं आऊँगा जब रात अन्धेरी होगी।

वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्।

देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥

 

एक हाथ में बंसी उसके दूजे चक्र संहार है,

मेरा कान्हा बंसी वाला सबका पालन है…!!

 

मुरली मनोहर बृज की धरोहर वो गिरिधर गोपाला है,

बंसी धुन पर दुख हर लेता, ऐसा नटखट नंदलाला है।

 

प्रभु हमारे गुरूर है,

आपके होने से चेहरे में नूर है

 

जगी थी ज्योति सारे जग को तारने को

जन्मा था वो बालक कभी नही हारने को

 

श्रीकृष्णजन्माष्टम्यां हार्दाः शुभाशयाः।

 

श्री कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।

प्रणतक्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।।

 

मुरली की धुन, माखन का स्वाद, गोपियों का प्यार और राधा का साथ।

जन्माष्टमी के इस पर्व पर, मिले आपको कान्हा का आशीर्वाद…।

 

देवकीसुतं गोविन्दम् वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:

 

जपते है सब राधे -कृष्ण ,गूंज रहा मधुर शोर है।

प्रेम में प्रिय लगते सब, कान्हा की बात कुछ और है।।

 

कभी न टूटने वाला वादा हो जाऊ

इस जन्माष्टमी मैं मोहन की राधा हो जाऊं…

 

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुभकामनाएं! इस पावन दिन पर श्री कृष्ण की कृपा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए। जय श्री कृष्णा! 🙏🏼

 

मैं चिंता क्यों करूं, उसे चिंता हमारी है

हमारा रक्षक स्वयं सुदर्शन चक्रधारी है!!

 

भगवान कृष्ण के प्राकट्य दिवस “श्रीकृष्ण जन्माष्टमी” के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। (Krishna Janmashtami Caption)

यह जन्माष्टमी आप सबके जीवन में खुशियां लाए यही हमारी कामना है.!

हत्थी घोड़ा पालकी,

जय कन्हैया लाल की!

 

पावन पर्व ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ की प्रदेश वासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।

कृपासिंधु, योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण संपूर्ण सृष्टि का कल्याण करें।

 

यशोदा के कन्हैया, नंद के लाल!

राधा के कृष्ण, गोकुल के ग्वाल!

अपनी कृपा ऐसे ही बनाए रखें!

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

गिरधर गोपाल है जिनका नाम!

जिनकी जन्मभूमि है मथुरा धाम!

जिन्होंने दिया था गीता का ज्ञान!

ऐसे श्री कृष्ण को हमारा प्रणाम!

भगवान श्री कृष्णा सफल जीवन की राह दिखाएं!

आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

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तीजा पोरा : कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है?

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नक्सलवाद के पूर्ण रूप से खात्मे पर शाह की मैराथन बैठक https://nitinbharat.com/union-home-minister-amit-shah-taking-meeting-on-left-wing-extremism/ https://nitinbharat.com/union-home-minister-amit-shah-taking-meeting-on-left-wing-extremism/#respond Sat, 24 Aug 2024 15:35:23 +0000 https://nitinbharat.com/?p=805 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में छत्तीसगढ़ एवं पड़ोसी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वामपंथी उग्रवाद...

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में छत्तीसगढ़ एवं पड़ोसी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) पर समीक्षा बैठक और अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में वामपंथी उग्रवाद से निपटने की रणनीति, अंतर्राज्यीय समन्वय, सुरक्षा बलों के क्षमता निर्माण, वामपंथी उग्रवाद मामलों की शीघ्र जांच और अभियोजन तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के व्यापक विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान अब निर्णायक मोड़ पर है और मार्च, 2026 से पहले हम नक्सलवाद को देश से पूरी तरह समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद (Left Wing Extremism) के खिलाफ अभियान की शुरूआत में जो गति और तीव्रता थी, उससे दो गुना गति और तीव्रता से अब हमें 2 साल और काम करने की ज़रूरत है तभी इस समस्या को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ विकास, प्रॉसीक्यूशन और ऑपरेशन के तीनों मोर्चों पर एक संपूर्ण रणनीति के साथ लड़ाई लड़ी है जिसके परिणामस्वरूप ये समस्या अब काफी हद तक सिमट गई है। उन्होंने कहा कि अब ये समस्या छत्तीसगढ़ के गिने चुने क्षेत्रों तक सीमित रह गई है।

शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण पिछले 7 महीनों में राज्य सरकार ने इससे पहले अब तक की इसी अवधि में बहुत बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि इन 7 महीनों में सबसे ज़्यादा नक्सली मारे गए हैं, सबसे अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और गिरफ्तार किए गए हैं। गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ शासन को बधाई कि नई सरकार बनने के बाद वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) के खिलाफ अभियान अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है।

अमित शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) के खिलाफ अभियान को और गति देने के लिए सभी पुलिस महानिदेशकों को अपने राज्यों में हर सप्ताह नक्सल ऑपरेशन में लगी टीम के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मुख्य सचिवों को हर 15 दिन में एक बार नक्सल अभियान से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक नक्सल अभियान की सतत निगरानी नहीं होगी तब तक हम अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ विचारधारा की लड़ाई नहीं है बल्कि विकास के अभाव के कारण पिछड़ रहे क्षेत्रों की भी है। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद फैलाने वाले लोग इमोशनल तरीके से ट्राइबल भाइयों-बहनों और पूरे समुदाय को गलत रास्ते पर ले जाने का काम करते हैं।

अमित शाह ने कहा कि Joint Task Force (JTF) को हर राज्य में अनुभवी और उपयुक्त बल उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि ये अभियान एक विशिष्ट प्रकार के स्किल के साथ करने वाला काम है और इसमें उन्हीं अधिकारियों को लगाना चाहिए जो इसके लिए उपयुक्त हैं तथा जिन्हें क्षेत्र की जानकारी हो। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशकों को स्वयं Joint Task Force (JTF) की समीक्षा और उनमें बदलाव करने चाहिएं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्यों की Special Investigation Agency (SIA) को NIA की तर्ज पर जांच और प्रॉसीक्यूशन के लिए तैयार और प्रशिक्षित करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य, non-returnable point पर पहुंच चुके उग्रवादी (Left Wing Extremism) को सजा नहीं दिलाएंगे, तब तक इस समस्या पर काबू नहीं पाया जा सकेगा। शाह ने कहा कि आत्मसमर्पण की नीति लचीली होनी चाहिए लेकिन इसका गलत उपयोग न हो, इसके लिए प्रयास किए जाने चाहिएं।

अमित शाह ने कहा कि राज्यों को नक्सलवाद से संबंधित अंतर्राज्यीय मामलों की जांच NIA को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद के वित्त पोषण, हथियारों की सप्लाई औऱ उनकी मैन्युफैक्चरिंग पर हर राज्य को बहुत ध्यान से काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि UAPA के मामलों में प्रॉसीक्यूशन को बेहतर रूप से तैयार करने के लिए के लिए स्टैंडर्ट आपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के ज़रिए समन्वय पर ध्यान दिया जाना चाहिए। श्री शाह ने वामपंथी उग्रवाद मामलों की जांच से जुड़ी और प्रॉसीक्यूशन टीमों की ट्रेनिंग NIA से कराए जाने पर बल दिया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा कि वे विकास के कामों की निगरानी करें जिससे सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन हो और इनका लाभ वामपंथी उग्रवाद प्रभावित अभावग्रस्त क्षेत्रों की जनता को हो। उन्होंने कहा कि राज्यों को वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) के कारण निरक्षर रह गए लोगों की पढ़ाई के लिए नीति बनाने पर काम करना चाहिए।

अमित शाह ने वामपंथी उग्रवाद की सप्लाई चेन और इसके वित्तपोषण पर समग्रता से प्रहार करने पर ज़ोर दिया।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार वामपंथी उग्रवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को मिलकर इस अभियान को comprehensive तरीके से आगे बढ़ाना है। शाह ने कहा कि हमें वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) की विचारधारा का समर्थन करने वालों से लड़ने के साथ ही अपनी बात विनम्रता और द़ढ़ता के साथ समाज के सभी वर्गों को भी बतानी होगी। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद के पीड़ित लोगों के भी मानवाधिकार हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने का जो लक्ष्य हमारे सामने रखा है उसे प्राप्त करने के लिए हमें मिलकर इस अभियान को तीव्र गति से आगे ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद एक राष्ट्रीय, मानवीय और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी समस्या है और हमें ये प्रयास करने चाहिए कि हम मार्च, 2026 में देश को इससे पूरी तरह से मुक्त घोषित कर सकें।

अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन का अभियान शुरू किया है और इसके साथ-साथ बस्तर ओलिंपिक, पैराओलिंपिक, स्थानीय कला, संस्कृति और खानपान का सम्मान बढ़ाने का काम किया है।

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, निदेशक, आसूचना ब्यूरो और राष्ट्रीय जांच ऐजेंसी (NIA), CRPF, BSF, SSB और ITBP के महानिदेशक शामिल हुए। बैठक में आंध्र प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल हुए। (Left Wing Extremism)

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की जनता की तरफ से अमित शाह से पूछे 11 सवाल

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